पटना। बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा उम्मीदवार के ...
पटना। बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान एनडीए की एकजुटता की बड़ी तस्वीर भी सामने आई, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने इस कदम को और भी गरिमा प्रदान की।
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| Purvanchal Samachar |
NDA के दिग्गजों का जमावड़ा
नीतीश कुमार के साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। मुख्यमंत्री के इस नए सफर की शुरुआत के वक्त सत्ता पक्ष के तमाम बड़े चेहरे उनके साथ खड़े नजर आए, जो आगामी राजनीतिक समीकरणों की मजबूती की ओर इशारा कर रहा है।
'जंगलराज से मुक्ति और बेदाग छवि' - शाह
नामांकन के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार की जमकर सराहना की। शाह ने कहा कि नीतीश कुमार का कार्यकाल बिहार के इतिहास में 'स्वर्णिम पृष्ठ' के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार ने ही बिहार को जंगलराज से मुक्त कराया और सड़कों के जाल के साथ विकास को नई गति दी।
शाह ने सबसे अधिक जोर मुख्यमंत्री की ईमानदारी पर देते हुए कहा, "विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी इतने लंबे राजनीतिक सफर में उनके कुर्ते पर कभी कोई दाग नहीं लगा। भ्रष्टाचार के आरोपों के बिना इतना लंबा सार्वजनिक जीवन शायद ही किसी ने तय किया हो।"
